Sunday, 25 October 2026
Har Khabar, Aapke Saath
ताज़ा खबर
रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल हत्याकांड: फरार केयरटेकर वरुण कुमार पर 50 हजार का इनाम, पांच राज्यों में तलाशरायपुर में ई-केवाईसी न कराने वाले करीब 60 हजार गैस कनेक्शन ब्लॉक, ऑनलाइन बुकिंग बंदसंजय दत्त बोले, “अब देश में पहले जैसी शांति महसूस नहीं होती”; मुन्ना भाई बनकर दी “गांधीगिरी” की सीखकुल्हाड़ी हमले के बाद भी बचाई 174 जिंदगियां: नेतन्याहू ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित को फोन कर बताया “दुनिया का हीरोतिरुपति की फार्मा यूनिट में बॉयलर फटा: पांच कर्मचारियों की मौत, 10 से ज्यादा गंभीर घायल
वायरल खबरें

भिलाई-रिसाली में पार्षद उपचुनाव निरस्त, निर्वाचन आयोग ने जारी किया आदेश

दुर्ग जिले की स्थानीय राजनीति में एक अहम घटनाक्रम में राज्य निर्वाचन आयोग ने भिलाई नगर पालिक निगम के एक वार्ड और रिसाली नगर निगम के दो वार्डों में प्रस्तावित पार्षद उपचुनाव को निरस्त कर दिया है। यह फैसला एक दर्ज आपत्ति के बाद लिया गया, जिसके चलते स्थानीय राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।

आपत्ति में क्या कहा गया

दुर्ग जिला न्यायालय के एक अधिवक्ता ने राज्य निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर यह मांग रखी थी कि रिसाली नगर पालिक निगम के वार्ड क्रमांक 2 और 39 तथा भिलाई नगर पालिक निगम के वार्ड क्रमांक 1 में खाली पड़े पदों के लिए उपचुनाव न कराया जाए। इसके पीछे मुख्य तर्क यह दिया गया कि इन दोनों निगमों — भिलाई और रिसाली — का मौजूदा कार्यकाल वैसे भी नवंबर-दिसंबर 2026 में समाप्त होने वाला है। ऐसी स्थिति में कुछ महीनों के लिए उपचुनाव कराना संसाधनों और समय दोनों का अनावश्यक इस्तेमाल माना जा रहा था, क्योंकि इसके तुरंत बाद ही सामान्य निर्वाचन प्रक्रिया शुरू होनी है।

आयोग का फैसला

आपत्ति पर विचार करने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने संबंधित वार्डों में प्रस्तावित उपचुनाव प्रक्रिया को निरस्त करने का आदेश जारी किया। इस फैसले से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि आयोग आगामी सामान्य निर्वाचन को ही प्राथमिकता देना चाहता है, बजाय इसके कि सीमित अवधि के लिए अलग से उपचुनाव प्रक्रिया चलाई जाए।

स्थानीय राजनीति पर असर

इन तीन वार्डों में जो सीटें खाली थीं, वे अब सामान्य निर्वाचन के दौरान ही भरी जाएंगी। इसका मतलब है कि इन वार्डों में सक्रिय संभावित उम्मीदवारों को अब अलग से उपचुनाव लड़ने की बजाय आगामी मुख्य चुनाव की तैयारी पर ध्यान केंद्रित करना होगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस फैसले से पार्टियों को भी अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने का मौका मिलेगा, क्योंकि अब इन वार्डों में उम्मीदवार चयन सीधे मुख्य चुनाव प्रक्रिया के तहत होगा।

क्यों अहम है यह फैसला

स्थानीय निकाय चुनावों में उपचुनाव और सामान्य चुनाव के समय को लेकर अक्सर कानूनी और प्रशासनिक जटिलताएं सामने आती हैं। यह मामला भविष्य में इसी तरह की स्थितियों के लिए एक नजीर की तरह देखा जा सकता है, जहां निर्वाचन आयोग को कार्यकाल पूरा होने के करीब उपचुनाव कराने या न कराने के बीच फैसला लेना पड़ता है।

आगे की स्थिति

अब सभी की नजरें भिलाई और रिसाली नगर निगम के सामान्य निर्वाचन कार्यक्रम पर टिकी हैं, जो नवंबर-दिसंबर 2026 में प्रस्तावित है। वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है, ऐसे में अगला बड़ा कदम नामांकन प्रक्रिया और चुनाव तारीखों की घोषणा होगा।