Sunday, 25 October 2026
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छत्तीसगढ़

बस्तर के लालबाग में वनोपज से बनी 20,700 वर्गफीट की रंगोली को वर्ल्ड रिकॉर्ड का प्रमाण, राष्ट्रपति मुर्मु ने देखी

जगदलपुर/रायपुर, 24 अक्टूबर 2026

बस्तर दशहरा के दौरान जगदलपुर के लालबाग मैदान में शुक्रवार सुबह एक अनोखी कलाकृति देखने को मिली। मैदान के बड़े हिस्से में जंगल की उपज और अनाज से 20,700 वर्गफीट में रंगोली बनाई गई थी। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने इसे प्रमाणित किया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत अतिथियों ने इसे देखा।

रंगों की जगह वनोपज

रंगोली वन विभाग ने राष्ट्रपति के बस्तर आगमन पर तैयार कराई थी। इसमें 15 से ज़्यादा तरह के वनोपज और अनाज रंगों की तरह इस्तेमाल हुए। ये वही उपज है जिसे वनवासी जंगलों से इकट्ठा करते हैं। इसी वजह से इसे रिकॉर्ड के लिए अलग माना गया। रंगोली में बस्तर के जंगल, वनवासी जीवन और जनजातीय संस्कृति की आकृतियाँ उकेरी गईं, और राष्ट्रपति का चित्र भी बनाया गया।

राष्ट्रपति का पहला बस्तर दशहरा

विज्ञप्ति के अनुसार बस्तर दशहरा के दौरान पहली बार देश की राष्ट्रपति माई दंतेश्वरी की धरती पर पहुँचीं। दो दिन के छत्तीसगढ़ प्रवास में वे 23 अक्टूबर को जगदलपुर आईं। उन्होंने पहले माई दंतेश्वरी का आशीर्वाद लिया, फिर मुरिया दरबार में शामिल हुईं और उसके बाद लालबाग मैदान में सभा को संबोधित किया। इस दौरान बस्तर में उत्साह का माहौल रहा।

बदलते बस्तर की तस्वीर

वन विभाग ने इस रंगोली के ज़रिए नक्सलवाद के ख़ात्मे के बाद बदलते बस्तर की तस्वीर राष्ट्रपति के सामने रखने की बात कही है। रंगोली में बस्तर की जनजातीय विरासत, सांस्कृतिक परंपराओं, प्राकृतिक संपदा और विकास यात्रा को दिखाया गया। विभाग का कहना है कि वनोपज बस्तर के आदिवासी और वनवासी समुदायों की आजीविका, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी है। इस प्रस्तुति के ज़रिए वनोपज आधारित रोज़गार बढ़ाने, पारंपरिक ज्ञान को बचाने और स्थानीय संसाधनों के टिकाऊ इस्तेमाल से समावेशी विकास की संभावनाओं को भी रेखांकित किया गया।

कौन-कौन रहे मौजूद

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, सांसद महेश कश्यप और जगदलपुर के विधायक किरण सिंह देव समेत कई जनप्रतिनिधि व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।