मोदी-पुतिन मुलाकात से पहले भारत और रूस के बीच रक्षा सौदों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक बैठक में स्टेल्थ फाइटर जेट SU-57 सहित अन्य रक्षा साझेदारियों पर बातचीत हो सकती है। दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश बढ़ाने पर भी सहमति बन सकती है। भारतीय कंपनियां रूसी बाजार में विस्तार की इच्छुक हैं, वहीं रूस भी भारत में अपने उत्पादों का दायरा बढ़ाना चाहता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुलाकात क्षेत्रीय भू-राजनीति के लिहाज से भी अहम साबित होगी, खासकर तब जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति को लेकर तनाव बना हुआ है।
भारत-रूस रक्षा सहयोग पर टिकीं निगाहें, SU-57 डील पर हो सकता है फैसला



