दुर्ग जिले से एक बड़ा ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति को वन विभाग में रेंजर के पद पर सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर करीब आठ लाख रुपये ऐंठ लिए गए। पीड़ित ने जब लंबे समय तक नियुक्ति पत्र नहीं मिलने पर शक होने लगा, तो उसने पुलिस से संपर्क किया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और तकनीकी सबूतों के आधार पर ठगी में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी फर्जी नियुक्ति पत्र, नकली सरकारी मुहरें और भरोसा जीतने के लिए बनावटी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर रहे थे। वे खुद को विभाग से जुड़ा हुआ बताकर बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाते थे, खासकर उन परिवारों को जो सरकारी नौकरी पाने के लिए बड़ी रकम खर्च करने को तैयार रहते हैं। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने और कितने लोगों को इसी तरह अपना शिकार बनाया है।
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी सरकारी नौकरी के लिए एजेंट या बिचौलिये के माध्यम से पैसों का लेन-देन करने से पहले संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या कार्यालय से जरूर पुष्टि कर लें, ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके।



