6 अक्टूबर को INDIA गठबंधन के सैकड़ों सांसद संसद से निर्वाचन सदन की ओर बढ़े और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाक़ात तथा उनके इस्तीफ़े की माँग की। नौ घंटे से ज़्यादा धरने के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं को पुलिस ने आकाशवाणी भवन से हिरासत में लिया। विपक्ष का आरोप मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में अनियमितताओं और “वोट चोरी” का है। चुनाव आयोग ने आरोप ख़ारिज करते हुए कहा है कि SIR संवैधानिक और वैधानिक दायरे में हो रहा है। द क्विंट के अनुसार सांसदों ने फ़ॉर्म 6 में बदलावों पर सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणियों का हवाला दिया, जबकि आयोग ने बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया कि हटाए गए मतदाता द्वारा दोबारा नाम जुड़वाने के लिए फ़ॉर्म 6 भरना झूठी घोषणा नहीं माना जाएगा। राहुल गांधी ने कहा कि क़रीब 300 सांसद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे। दोनों पक्षों की दलीलें अब अदालत और सड़क, दोनों जगह परखी जा रही हैं।
चुनाव आयोग तक INDIA गठबंधन का मार्च: राहुल-प्रियंका हिरासत में



